उत्तर प्रदेश के गांवों से हटेंगे जातिसूचक नाम: डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल की मुख्यमंत्री से महत्वपूर्ण मुलाकात
Caste-indicative names will be removed from villages in Uttar Pradesh
लखनऊ। डॉ. अंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष और एमएलसी डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अनुसूचित जाति की उप जातियों के नाम से बने गांवों से जातिसूचक नाम हटाने का अनुरोध किया।
डॉ. निर्मल ने मुख्यमंत्री से बताया कि जालौन में चमारी, चमरौआ, रामपुर में चमरूआ, लखनऊ में चमारन खेड़ा सहित प्रदेश के सभी जनपदों में ऐसे जातिसूचक गांव हैं जिनसे दलितों को अपमानबोध होता है।
शीघ्र बदला जाएगा नाम
ऐसे गांवों का नाम बदल दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पूरी बात सुनी। भरोसा दिया कि जिलों से सूची प्राप्त कर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।
निर्मल ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि अनुसूचित जाति में शामिल जातियों का नाम लेकर जिन आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने पर अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हो जाता है।
उन्हीं जातियों के नाम पर राज्य के जालौन, इटावा, झांसी, उन्नाव, हरदोई समेत के राज्य के लगभग सभी जिलों के विभिन्न गांवों के नाम हैं।
मानदेय बढ़ाने का आग्रह
उन्होंने मुख्यमंत्री से ग्राम्य चौकीदारों और सामुदायिक शौचालयों के केयर टेकरों के मानदेय बढ़ाने का आग्रह किया। वार्ता में अंबेडकर महासभा के महामंत्री अमरनाथ प्रजापति भी उपस्थित थे।